जबाल गांव में चालीस कमरों की चौकी राख

गोहर (मंडी) जंजैहली के जबाल गांव में रविवार रात 40 कमरों का एक मकान (चौकी) जलकर राख हो गया। इसमें दस परिवारों के करीब तीस सदस्य बेघर हो गए। इस भयंकर अग्निकांड में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। प्रशासन ने इसमें एक करोड़ के नुकसान की पुष्टि की है। पुलिस ने आगजनी का मामला दर्ज करके कारणों की जांच शुरू कर दी है। तहसीलदार थुनाग विद्याधर नेगी ने घटना की पुष्टि की है। प्रशासन की ओर से हर परिवार को दस-दस हजार, बर्तन, प्रति परिवार तीन तिरपाल, तीन कंबल और राशन प्रदान करके बेघर परिवारों को सुरक्षित ठिकाने पर ठहरा दिया है।
थुनाग तहसील के कांढा बगस्याड के गांव जबाल में दस परिवारों ने एक 40 कमरों की संयुक्त चौकी बनाई थी। रात करीब 11 बजे जब पंचायत समिति सदस्य जयवंती शौच के लिए कमरे से बाहर निकली तो उनकी नजर आग की लपटों पर पड़ी। लपटें देखते ही जयवंती ने शोर मचाया और घर के सभी सदस्यों को जगा दिया। इसके बाद घर के अंदर सोए सभी 10 परिवारों के 30 सदस्य आग की लपटों और धधकते धुएं के बीच बाहर निकल आए। इस दौरान घर में रखा सारा राशन, बर्तन, सोना, चांदी, कपड़े और चौकी के सभी 40 कमरे कुछ ही घंटों में जलकर राख हो गए। देर रात आग लगने से ग्रामीण और प्रशासन आग नहीं बुझा पाए। इससे 10 परिवारों को करीब एक करोड़ की चपत लगी है। सोमवार सुबह बेघर परिवार के सदस्य रोते बिलखते राख में सामान की तलाश करते रहे लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा।
एसडीएम विवेक चंदेल ने बताया कि तहसीलदार थुनाग को घटना स्थल पर भेजा था। पीड़ित परिवारों को फौरी राहत के तौर पर एक लाख, तिरपाल, कंबल और राशन बांटा है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है। नुकसान का आकलन करने के बाद पीड़ितों हरसंभव मदद दी जाएगी। एसपी आरएस नेगी ने बताया कि अग्निकांड के कारणों की जांच की जा रही है।

यह परिवार हुए हैं बेघर
अग्निकांड में प्रकाश, प्रेम लाल और रातू देवी पुत्र हरि सिंह, देवमणी पुत्र बेसर राम, मुरारी लाल, पुष्पराज पुत्र देवमणी, महेंद्रमणी पुत्र बेसर राम, राम कृष्ण पुत्र महेंद्र मणी, गोपाल कृष्ण पुत्र महेंद्र मणी और हेमराज पुत्र बेसर राम के परिवार बेघर हुए हैं। इन दस परिवारों में 30 सदस्य हैं।

Related posts